((لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ)) (عشرَ مرَّات) ، أَوْ (مرَّةً واحدةً عندَ الكَسَلِ).
उच्चारण:
ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीक लह, लहुल मुल्कु व लहुल हम्द, व हुवा अला कुल्लि शैइन क़दीर।
हिंदी अर्थ:
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, बादशाहत उसी की है और तारीफ़ भी उसी की है, और वह हर चीज़ पर कादिर है। (सुबह को 10 बार पढ़ें, या सुस्ती हो तो कम-से-कम 1 बार)
तौहीद का कलिमा (10 बार)