सजदा और मुल्क सूरह पढ़ना
सोने से पहले की दुआएं
((يَقْرَأُ ﴿الم﴾ تَنْزِيلَ السَّجْدَة ِ، وَتَبَارَكَ الَّذي بِيَدِهِ الْمُلْكُ)).
उच्चारण:
यक़रउ अलिफ़ लाम मीम तन्ज़ीलस्सज्दह, व तबारकल्लज़ी बियदिहिल मुल्क।
हिंदी अर्थ:
नबी ﷺ जब तक सूरह अस-सजदा (सूरह नंबर 32) और सूरह अल-मुल्क (सूरह नंबर 67) न पढ़ लें, तब तक नहीं सोते थे।
सजदा और मुल्क सूरह पढ़ना (सोने से पहले)

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